इतने सारे चेहरे




इतने सारे चेहरे है
और तनहा सब के सब
तेरे शहर का काम है चलना
युही बेमतलब
चेहरों के इस मेले में
अपना कोई मिलने दो ना
सोने दो
ख्वाब बोने दो
रात को धीरे धीरे चलने दो ना.!

Comments